चरखी दादरी शहर स्थित अग्रसेन धर्मशाला के समीप वीरवार शाम पूर्वांचलवासियों ने छिपते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा की। अर्घ्य देने के लिए महिलाएं बनाए गए कृत्रिम तालाब में खड़ी हुईं और श्रद्धाभाव के साथ पूजा की रस्म पूरी की। अर्चना अग्रवाल ने बताया कि पर्व चार दिनों तक चलता है। इसके पहले दिन नहाने खाने की विधि होती है जिसमें व्रती पवित्र स्नान करके सात्विक भोजन करते हैं और ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। दूसरे दिन की छठ पूजा को खरना के नाम से जाना जाता है। इस दिन जो लोग व्रत रखते हैं, वो खीर बनाते हैं। अर्चना अग्रवाल ने कहा कि तीसरे दिन छठ माता की पूजा की गई। पूजा पति और संतान की लंबी आयु के लिए की गई। इस व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। टोकरी में फल और पूजा सामग्री सजाकर पहुंचीं महिलाएं अर्घ्य देने के लिए लोग बांस की टोकरी को फलों, ठेकुआ, पूरी व पूजा के समान से सजाकर आयोजन स्थल पर पहुंचे। व्रती महिलाओं व पुरुषों ने परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।