ढाणी फाटक ओवरब्रिज के मरम्मत कार्य के बाद अब तक सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं मिला है जबकि यहां से भारी वाहनों का आगमन हो रहा है। ऐसे में यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है और यह मुद्दा पूर्व में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठ चुका है। दूसरी ओर एनएचएआई अधिकारियों का तर्क है कि मरम्मत कार्य अभी चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद ही सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी हाे पाएगा। बता दें कि मरम्मत कार्य होने के बावजूद ढाणी फाटक आरओबी से भारी वाहनों का आवागमन बंद था और सभी भारी वाहन रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग से होकर गुजरते थे। अब एक सप्ताह पहले ही विभाग ने रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग आरओबी सड़क का मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया है और इसके चलते भारी वाहनों का रूट बदलवाकर वाया ढाणी फाटक आरओबी किया गया है। हालांकि मरम्मत कार्य होने के बाद आरओबी का सुरक्षा प्रमाण पत्र अब तक नहीं मिला है। ऐसे में यहां से भारी वाहनों का आवागमन कराना खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, ढाणी फाटक आरओबी करीब दो दशक पुराना है। करीब सात माह पहले इसका मरम्मत कार्य शुरू कराया गया था। उस दौरान जिला के प्रबुद्ध लोगों ने ढाणी फाटक आरओबी का पुनर्निर्माण कराने की मांग की थी। कष्ट निवारण समिति की बैठक में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था जिसमें ढाणी फाटक आरओबी को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सही नहीं बताते हुए एनएचएआई अधिकारियों से सुरक्षा प्रमाण पत्र मांगा गया था। उस दौरान बैठक में एनएचएआई अधिकारी सुरक्षा प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाए थे। वहीं, सुरक्षा प्रमाण पत्र मिले बिना ही यहां से भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराना खतरनाक साबित हो सकता है और जिला प्रशासन को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए। बता दें कि ढाणी फाटक आरओबी एनएच-334 बी पर बना है। शहर से होकर गुजरने वाले इस मार्ग से प्रतिदिन तीन हजार से अधिक भारी वाहन गुजरते हैं। दूसरी ओर इस मार्ग पर एपीजे स्कूल, एमएलआर महाविद्यालय, जनता विद्या मंदिर कॉलेज, परसराम हेतराम स्कूल,एपीजे महिला कॉलेज, डीआरके आदर्श स्कूल, जेडीकेडीईएस स्कूल,डीडीकेडीईएस स्कूल आदि 9 शिक्षण संस्थाएं हैं और प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक विद्यार्थी यहां से गुजरते हैं। इन विद्यार्थियों के चलने के लिए फुटपाथ तक नहीं है जबकि अब भारी वाहन भी यहीं से गुजरना शुरू हो चुके हैं। कष्ट निवारण समिति की बैठक में ढाणी फाटक आरओबी को भारी वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित न बताकर शिकायत करने वाले अधिवक्ता संजीव तक्षक का कहना है कि प्रशासन का इस मुद्दे पर ध्यान दिलाया जाएगा। जल्द ही उपायुक्त को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने तर्क दिया था कि ढाणी फाटक आरओबी से भारी वाहनों की आवाजाही बंद की गई है। अभी ढाणी रोड आरओबी का मरम्मत कार्य चल रहा है और कार्य पूरा होने के बाद ही सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। फिलहाल भारी वाहनों के अवागमन के लिए आरओबी सुरक्षित है। -राजेश गुप्ता, एक्सईएन, एनएचएआई।