बारिश होने के बाद यूरिया खाद की जरूरत बढ़ गई है। बुधवार सुबह 7 बजे ही किसान दादरी की पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गए और 8 बजे तक किसानों की लंबी कतार लग गई। किसानों की संख्या अधिक होने से अव्यवस्था बन गई और पुलिस बल की मौजूदगी में स्टाफ को खाद का वितरण करना पड़ा। दादरी जिले में बाजरा का बिजित रकबा एक लाख 10 हजार एकड़ है। यूरिया व डीएसपी की खरीफ सीजन में भी कमी बनी हुई है। खाद की कमी बनने से आए दिन किसान जमीदारा सोसायटी कार्यालय व पैक्स समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। जुलाई माह में पांच हजार एमटी यूरिया की जरूरत है। इसी प्रकार डीएपी की 500 एमटी की जरूरत है। किसान हवासिंह, शमशेर, संदीप, कृष्ण व करतार सिंह ने बताया कि इस समय बाजरा की फसलें एक से दो फुट तक बढ़ चुकी है। ऐसे में किसान पौधों को खुराक के रूप में खाद दे रहे हैं। फसल की सिंचाई के बाद ही यूरिया का छिड़काव किया जाता है। अब बारिश होने पर किसान यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं ताकि पौधे का ठीक प्रकार से विकास एवं वृद्धि हो सके। इन किसानों का कहना है कि वितरण केंद्रों पर किसान अधिक हैं जबकि यूरिया का स्टॉक कम है। इसके अलावा जबरन दो एनपीए के बैग भी दिए जा रहे है जबकि किसान इन्हें नहीं खरीदना चाहते। अधिकारी के अनुसार जरूरत के अनुसार खाद मंगवाया जा रहा है। खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। जुलाई माह में यूरिया की खपत ज्यादा रहने का अनुमान है। - कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग।