जिले की अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद में देरी से किसानों और आढ़तियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में पहले ही लगभग 50 हजार क्विंटल बाजरा पहुंच चुका है, लेकिन खरीद एजेंसियों की ओर से फसल को मानकों पर खरा न उतरने का हवाला देकर खरीदा नहीं जा रहा है। मंडी में जमा हो रही फसल को संभालने के लिए जेसीबी की मदद तक ली जा रही है, क्योंकि ढेरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं बदलते मौसम और बारिश की संभावना के चलते किसानों की चिंता और बढ़ गई है। वे आशंकित हैं कि कहीं फसल खराब न हो जाए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़े।