अंबाला के श्री पंजोखरा साहब मामले में युवकों को छुड़वाने, 13 अगस्त को लाठी चार्ज के बाद दर्ज किए गए केस रद्द करवाने और और गुरसिमरन सिंह मंड व उसके बेटे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 25 अगस्त को पीपली अनाज मंडी में हरियाणा व पंजाब की सिख संगत जुटेगी, जिसमें सरकार के रवैये को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। गुरुद्वारा छठी पातशाही में शुक्रवार को करीब चार घंटे तक हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी, निहंग जत्थेबंदियों और अलग-अलग किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की आपातकालीन अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। हरियाणा कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा के नेतृत्व में हुई बैठक में पंजाब से सिख संगत को इस मामले में हरियाणा की संगत का साथ देने के लिए हरियाणा कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब श्री अमृतसर साहिब के सिंघ साहिब कुलदीप सिंह गढ़गज से भी अपील की गई कि वे भी इस मामले में आदेश दे ताकि पंजाब से भारी गिनती में सिख संगत यहां पहुंच सके। बैठक के बाद प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि अंबाला में जीटी रोड पर प्रदर्शन करने वाली सिख संगत पर 13 अगस्त की रात को बर्बतापूर्वक लाठियां बरसाई गई, जिसमें 50 से भी ज्यादा लोगों को चोटें आई। अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर आशु गैस के गोले और प्लास्टिक की गोलियां दागी गई, जिससे सिख संगत में गहरा है, जिसके चलते ही आपात बैठक बुलाई गई। इसमें उक्त तीनों मांगें प्रमुखता से रखी गई और सरकार ने इन पर गंभीरता से लेते हुए उचित कदम नहीं उठाया तो 25 अगस्त को बड़े आंदोलन की रूपरेखा बन सकती है। यहीं नहीं रोष के चलते ही 15 अगस्त को किसी कार्यक्रम में शामिल न होने का भी निर्णय लिया गया है।