प्रदेश के अधिकतर जिलों में मंगलवार को मध्यम से तेज बारिश हुई। सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर रुक-रुककर शाम तक चलता रहा। इससे अधिकतम तापमान में कमी और उमस से राहत मिली। दक्षिण हरियाणा के जिलों में 10 से 25 मिमी के बीच बारिश से खरीफ की फसलों को संजीवनी मिली। भिवानी में रुक-रुककर करीब पौने घंटे तक बारिश हुई। चरखी दादरी में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। फतेहाबाद, भूना, रतिया और टोहाना में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश का यह दौर 12 अगस्त तक चलेगा। हालांकि इसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है जिसके कारण हरियाणा में मानसूनी हवाएं आने से राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ी है। अगले तीन-चार दिन गरज व चमक के साथ ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। 7 से 12 अगस्त तक बादलवाही व कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना है। इससे हरियाण में बारिश के आंकड़ों में कुछ हद तक सुधार की उम्मीद है। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि बीते सोमवार को एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और राजस्थान की मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के बाद मानसून टर्फ एक बार फिर हरियाणा पहुंच गया है। इसके परिणामस्वरूप बारिश की गतिविधियों में इजाफा हुआ है। हालांकि 13 से 20 अगस्त तक हरियाणा, दिल्ली- एनसीआर में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद 30 अगस्त तक शुष्क और कमजोर मानसूनी परिस्थितियां देखने को मिलेंगी।