हरियाणा राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवार ने भले ही जीत दर्ज की हो, मगर खुले मन से दोनों ही दल इस जीत का जश्न नहीं बना पाए।भाजपा अपनी तय मानी जा रही जीत एक छोटी सी चूक और गलत आकलन की वजह से गंवा बैठी जबकि कांग्रेस की जीत ने उसके भीतर की दरारों को खुलकर सामने ला दिया। इससे यह भी साबित हो गया है कि कांग्रेस के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। राज्यसभा की दोनों सीटों पर भाजपा के लिए यह चुनाव लगभग तय जीत की तरह देखा जा रहा था। संजय भाटिया की जीत सुरक्षित मानी जा रही थी, जबकि दूसरी सीट पर भी पार्टी ने राजनीतिक समीकरण साध लिए थे। भाजपा की रणनीति काफी हद तक सफल रही थी, इसका प्रमाण कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग है। यानी पार्टी ने विपक्ष में सेंध लगाने का काम कर लिया था। भाजपा ने यह मान लिया कि शुरुआती रुझान आगे भी उसी दिशा में जाएंगे। यह राजनीतिक गणित की सबसे बड़ी भूल मानी जाती है, जहां संभावनाओं को निश्चित मान लिया जाता है।