संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा उपमंडल कार्यालय लोहारू में जारी अनिश्चितकालीन महापड़ाव के 215वें दिन किसान नेताओं ने विभिन्न जनहित और किसान हित से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। किसान नेता मांगे राम चहड़ कलां ने कहा कि प्राइवेट बस संचालक वरिष्ठ नागरिकों से पूरा किराया वसूल रहे हैं तथा उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, जिससे वृद्धजनों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हरियाणा परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार बस संचालन करने के लिए बाध्य किया जाए। अन्यथा इनके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। मास्टर उमराव सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की मांगों पर लगातार चुप्पी साधे हुए है। किसान अपने बीमा क्लेम की मांग को लेकर पिछले सात महीनों से उपमंडल परिसर में धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने संशोधित बिजली कानून 2025 और बीज कानून 2025 को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चार लेबर कोड कानूनों के माध्यम से मजदूरों से 12 से 14 घंटे काम लेकर बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि वीबीजी रामजी योजना के तहत कुल बजट का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है, जबकि राज्य पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। भिवानी जिले के सांसदों और विधायकों की चुप्पी पर भी रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि किसानों से संवाद करने नहीं आया है। महापड़ाव की संयुक्त अध्यक्षता प्रताप राव कालोद, देवी दयाल पहाड़ी, धर्मपाल फरटिया केहर, राजेंद्र गिगनाऊ, दानी राम पासवान एवं कर्ण सिंह फरटिया ने की।