गांव चांग के पाना भुतलान में स्थित जलघर को खुद इलाज की दरकार है। ऐसे में कैसे ग्रामीणों की प्यास बुझा पाएगा। बरसात के दिनों में तो जलघर पूरी तरह से पानी में डूब जाता है जिस कारण ग्रामीणों को कई महीनों तक पानी नीचे उतरने का इंतजार करना पड़ता है। गांव ढाणी चांग, पाना भुतलान व गोलागढ़ी में जलघर से पेयजल आपूर्ति होती है। उस दौरान तो यह भी नहीं पता चलता कि टैंक कहां और जोहड़ कहां है, पानी में सब एक लेवल हो जाता है। वर्ष 2013 में बना था जलघर चौकीदार सतबीर व मास्टर रमेश ने बताया कि पानी की कमी को देखते हुए वर्ष 2013 में चांग के भुतलान पाना में जलघर का निर्माण किया गया था। इसके निर्माण के 2 वर्ष तक लोगों स्वच्छ व फिल्टर वाला पानी पीने को मिलता था इसके बाद बरसाती पानी भरने से जलघर की हालात बदहाल हो गई है। लोगों के घरों तक पानी तो पहुंच रहा है, लेकिन वह पीने लायक नहीं है। जलघर की चाहरदीवारी टूटने से तालाबा का पानी ऑवरफ्लो होने से जलघर के टैंकों में पहुंच जाता है।