राजीव गांधी राजकीय महिला कॉलेज में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान मकान गिरने व केमिकल रिसाव के दौरान बचाव व राहत कार्यों की मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान छात्राओं व स्टाफ को आपदा के समय बचाव के विभिन्न तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ से सहायक कमांडेंट देवेन्द्र प्रकाश, इंस्पेक्टर अशित कुमार, रणजीत मिश्रा, सब इंस्पेक्टर धर्मांश यादव तथा एसडीआरएफ से इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, भिवानी आपदा प्रबंधक प्रवीण कुमार तथा फायर ब्रिगेड से फायरमैन राहुल चौहान, भूपेन्द्र, मुकेश व सुनील ने बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। एनडीआरएफ की दो टीमों में 65 व एसडीआरएफ की टीम में 25 जवान शामिल रहे। मॉक ड्रिल में भिवानी से पुलिस जवान व स्वास्थ्य विभाग की टीम भी शामिल रही। मकान गिरने से आई आपदा की मॉक ड्रिल में परिवार का एक सदस्य लेंटर के मलबे के नीचे दब गया। जिसको डॉग स्क्वायड की मदद से खोजा गया। लेंटर को कटर से काटकर उसके नीचे दबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन लेंटर गिरने से व्यक्ति के पैर में चोट आई, जिसको उसी समय मौके पर पहुंची एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार दिया गया। केमिकल प्रभाव को कम करने के लिए पानी से नहलाने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।