चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भिवानी के तोशाम रोड स्थित जूई नहर के समीप बने घाट पर पूर्वांचल परिवारों का महाकुंभ उमड़ा। महिलाओं ने पानी में उतरकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर खुशहाली की कामना की वहीं विधायक घनश्याम सर्राफ ने पत्नी प्रेमलता सर्राफ के साथ कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस मौके पर भिवानी विधानसभा से माकपा व कांग्रेस प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश ने भी पहुंचकर प्रवासी परिवारों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दी। घाट पर स्वागत द्वार बनाया गया वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी अलग से मंच सजा। जहां कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहरीन प्रस्तुति से समां बांध दिया। वहीं इस मौके पर पहुंचे भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्यौहार मानवता के कल्याण और विकास के लिए काफी अहम हैं। इनके जरिए हमें आस्था और ईश्वर से जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंन छठ महापर्व पर प्रवासी परिवारों को शुभकामनांए देते हुए खुशहाली की कामना की। वहीं जूई नहर में पानी में उतरकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे विधि विधान से डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सलामती और खुशहाली की कामना की। छठ पूजा घाट पर महिलाओं ने समूह में छठ मईया की पूजा और व्रत कथा भी सुनी। जिसके बाद ही महिलाओं ने परिजनों के साथ खाद्य सामग्री के साथ माता का विधि विधान से पूजन किया। इस दौरान मेला भी लगा। जिसमें महिलाओं और बच्चों ने भी खूब खरीदारी की। दरअसल भिवानी में करीब ढाई हजार से अधिक प्रवासी परिवार छठ महापर्व पर चार दिवसीय कार्यक्रम मनाते हैं। इसके लिए जूई घाट पर स्थायी तौर पर भी छठ मईया पूजन का घाट बना हुआ है। शुक्रवार अल सुबह उगले सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व के व्रत का समापन होगा। संवाद