मंडी पहुंचने से पहले ही एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। बुधवार शाम को अचानक बिगड़े मौसम की वजह से जिले भर में करीब 35 हजार एकड़ भूमि पर गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई। जिससे किसानों को फसल उत्पादन का नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि खेत में पकाव की ओर बढ़ रही गेहूं की फसल बिछने से इसकी कटाई का खर्च भी बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि बढ़वार के अंतिम दौर में पहुंचा गेहूं का पौधा खेत में बिछ जाने के बाद दाना कमजोर बनेगा। जिसका सीधा असर सरकारी खरीद पर भी पड़ेगा। मौसम की मार झेल चुकी फसल सरकार के खरीद मानकों को भी पूरा नहीं कर पाएगी और किसानों को इसे प्राइवेट बोली पर बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा। फिलहाल कृषि विभाग भी नुकसान का आंकलन करने में जुटा है। तोशाम क्षेत्र के किसान शमशेर सिंह, कर्मबीर, दयानंद ने बताया कि गेहूं की पकाव की ओर बढ़ रही फसल तेज हवा की वजह से बिछ गई है। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इस फसल का दाना पूरी तरह नहीं पका था, इससे पहले ही पौधा नष्ट हो गया है। जिले भर में करीब पौने तीन लाख एकड़ में किसानों ने गेहूं की बिजाई की हुई है। जबकि तेज हवा की वजह से सरसों की कटाई के बाद डाली गई फसल और फाने भी बिखर गए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 से 21 मार्च तक मध्यम से तेज बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में फसलों पर मौसम का कहर अभी और बरपेगा।