हवा के प्रदूषण को कम करने के लिए अब नगर परिषद ने करीब 47 लाख रुपये से एंटी स्मॉगन मशीन खरीद की है। भिवानी जिला एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में आता है। ऐसे में जब भी हवा में प्रदूषण स्तर (एक्यूआई) बढ़ता है तो ग्रेप तीन और चार के आदेश लागू हो जाते हैं। ग्रेप चार में खनन उत्सर्जन के अलावा सभी तरह के निर्माण काम भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में हवा में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए एंटी स्मॉगगन मशीन का प्रयोग किया जाता है। लेकिन ये मशीन जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खनन करने वाली कंपनी से ही लेकर इसका इस्तेमाल करता आया है। मगर अब नगर परिषद शहरी दायरे में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए खुद की स्मॉगन मशीन का प्रयोग कर पाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने 47 लाख से नई स्मॉगगन मशीन की खरीद की है। ये है एंटी स्मॉगगन एंटी स्मॉग गन एक तरह से एक मशीन है, जो नेबुलाइज्ड पानी की बारीक बूंदों का हवा में छिड़काव करती है। इसे पानी के टैंक से जोड़ा जाता है और हाई-प्रेशर प्रोपेलर के जरिए 50 से 100 माइक्रोन की छोटी बूंदों को हवा में फेंका जाता है। इससे धूल और प्रदूषण के कण अवशोषित होने लगते हैं। यह हवा में प्रदूषण का स्तर कम करने में प्रयोग किया जाता है। जिससे हवा की गुणवत्ता सांस लेने लायक बनी रहे।