अंबाला सिटी। पुलिस डीएवी स्कूल के सभागार में बुधवार को उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार-2026 समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। उन्होंने 70 से अधिक विद्यालयों के 10वीं, 12वीं तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 250 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली और पारदर्शिता के अभाव को लेकर विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। भर्ती परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के आरोप मंच से लोगों को संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने पंजाब में हाल ही में आए एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के नतीजों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भर्ती व्यवस्था का यह हाल है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपने नाम के स्थान पर एसबीआई, बीपीआईएस, फोटो और एक दिन करमां वाला दिखा था, उनका भी चयन एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर हो गया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई अभ्यर्थियों ने दो अलग-अलग फार्म भरे थे और परीक्षा में दोनों जगह से वही अभ्यर्थी एक्साइज इंस्पेक्टर चुन लिए गए। हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए सैनी ने कहा कि यह कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों की पुरानी नीति रही है। ये बातें तो कट्टर ईमानदारी की करते हैं, लेकिन जनता के सामने इनका असली चेहरा आ चुका है। इनके लिए कहावत सच बैठती है कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और। इन्हें देश के युवाओं से कोई मतलब नहीं है, केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने हैं। पेपर लीक मुद्दे पर भी घेरा मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर दिए गए विपक्षी नेताओं के बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि दावों के बावजूद पंजाब में फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता अब इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं। सीएम सैनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनता को इन दोनों विचारधाराओं और विपक्षी दलों की असलियत को अच्छी तरह से समझना होगा। 55 साल तक एक ही परिवार ने किया शासन एक परिवार को 55 साल तक देश के ऊपर शासन करने का समय मिला, कोई छोटा समय नहीं मिला। 55 साल के बाद मेरे देश के अंदर सुविधाओं का अभाव हो, आतंकवाद हमारी एलओसी को क्रॉस करके हमारे निहत्थे लोगों को मार करके चला जाता था। एक भय का वातावरण देश के अंदर रहता था। पीएम मोदी के नेतृत्व में भय का वातावरण खत्म हुआ है। आतंकवादी अगर घुसने की चेष्टा भी करता है, तो उसके घर के अंदर जा करके सबक सिखाने का काम अगर किसी ने किया है, तो नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व ने किया है। सीएम ने धारा 370 का भी जिक्र किया। 1986 में कांग्रेस ने एंटी पेपर लीक बिल पर सिर्फ चर्चा की सीएम ने कहा कि वर्ष 1986 के अंदर राजीव गांधी पेपर लीक रोकने को लेकर यह बिल लेकर के लोकसभा में आए थे। 1986 में जब यह बिल लेकर के आए, खाली चर्चा हुई, वो पास तक भी नहीं किया गया। उसके बाद भी पेपर लीक की घटनाएं होती रहीं। जब बच्चों का पेपर होता था, कोई टेस्ट होता था, बसों की छतों को आप देखते थे 200-200, 250-250 बच्चे बसों की छतों के ऊपर चढ़ करके पेपर देने के लिए जाते थे। बसों की बारियों पर पीछे लटके रहते थे, अपनी जान को जोखिम में डालते थे। पता लगता था पेपर लीक हो गया। उसके बाद 2022 के अंदर पीएम नरेंद्र मोदी ने इसके ऊपर कानून बनाया। अब जब यह लीक की घटना हुई, उसी दिन निर्णय कर लिया था कि किसी भी व्यक्ति को हमारे युवाओं के साथ खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं दिया जाएगा। और अब एक सख्त बिल, लोकसभा के अंदर पास किया गया कि अगर कोई व्यक्ति इसके अंदर संलिप्त होगा। 10 साल की कैद और 10 करोड़ का जुर्माना उसके ऊपर लगेगा।