अंबाला। अंबाला छावनी की जमीनों और संपत्तियों के मालिकाना हक की समस्या यानि फ्री होल्ड का मुद्दा अब राजनैतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। अभी तक सोशल मीडिया पर इसकी मांग उठाई जा रही थी, मगर बुधवार को नेत्री चित्रा सरवारा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सदर बाजार चौक पर समर्थकों के साथ धरना देते हुए उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साधा और फ्री-होल्ड अंबाला की पुरजोर मांग उठाई। चित्रा सरवारा ने कहा कि वर्षों से इस गंभीर मुद्दे पर केवल बैठक पर बैठक हो रही है, लेकिन जमीनी नतीजा शून्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि 90 के दशक में अनिवार्य की गई एनओसी व्यवस्था और वर्ष 2000 के आसपास बंद हुई रजिस्ट्रियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। सरकार को इसे सार्वजनिक करना चाहिए। ------------- आजाद अंबाला कैंट नाम से शुरू होगी मुहिम नेत्री चित्रा ने ऐलान किया कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से टीम चित्रा आजाद अंबाला कैंट मुहिम की शुरुआत करेगी। इसके तहत बूथ स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाने के साथ ही ऑनलाइन कैंपेन भी आयोजित किया जाएगा। चित्रा ने कहा कि एनओसी और बंद रजिस्ट्रियों के कारण आम जनता अपनी ही संपत्ति पर बैंक लोन, निर्माण और हस्तांतरण जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित है। जनता को अब खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और समयसीमा के साथ मालिकाना हक चाहिए।