लिपिक गुरविंदर की बहाली को लेकर बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को चार घंटे तक आंदोलन किया। इस दौरान किसी भी उपभोक्ता का कोई कार्य नहीं किया गया, न तो बिजली के बिल जमा किए गए और न ही प्राप्त शिकायतों का समाधान हो पाया। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। लिपिक के निलंबन पर रोष प्रदर्शन सभी बिजली यूनिटों पर सुबह 9 बजे से एक बजे तक जारी रहा। यूनिट प्रधान सतबीर देसवाल ने सभी कर्मचारियों का मंगलवार के रोष मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए धन्यवाद किया। रोष मार्च के द्वारा जो संदेश यूनियन ऊर्जा मंत्री तक देना चाहती थी वो निगम के अधिकारियों के माध्यम से दिया जा चुका है, अभी गेंद प्रशासन के पाले में है।