गजरौला। घर में किलकारी गूंजने की मनोकामना पूरी होने पर बुलंदशहर की अनीता देवी जेठानी आशा देवी और ननद संतोष के साथ हरिद्वार से पैदल कांवड़ ला रही हैं। वह 11 अगस्त को अपने निकट के मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी। तीनों ही भगवान शिव की भक्ति में झूमती हुई और जयकारे लगाती चल रही थीं। बुलंदशहर के कमालपुर गांव निवासी कांवड़िया अनीता देवी ने बताया कि उनकी शादी को दस साल बीत गए थे, लेकिन काेई संतान नहीं हुई। काफी उपचार के बाद भी घर में किलकारी नहीं गूंजने पर उनके साथ ही पूरा परिवार दुखी रहने लगा था। एक दिन घर में एक विद्वान ब्राह्मण आए। जिनको ज्योतिष शास्त्र का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने किस्मत में संतान होने का योग बताते हुए हरिद्वार से पैदल ही भगवान शिव की कांवड़ लाने को कहा। उन्होंने भगवान शिव से कामना की कि उनके घर संतान हुई तो वह हरिद्वार से कांवड़ अवश्य लाएंगी। महादेव ने उनकी विनती सुन ली। दो साल बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। जो इस समय 13 साल का हो गया। वह कक्षा नौ में पढ़ाई कर रहा है। उधर उनकी जेठानी का कहना है कि वह दो बेटों की मां हैं। उनके बेटे पढ़ते नहीं थे। वह बेहद परेशान रहती थीं। उन्होंने भी भगवान से कामना की। अब दोनों बेटे अच्छी पढ़ाई कर रहे हैं। एक बेटा बीएससी की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा बीटेक। घर खुशहाल है। देवरानी व जेठानी की मनोकामना पूरी होने पर ननद संतोष के साथ हरिद्वार से पैदल कांवड़ ला रही हैं।