श्रीकृष्ण जनमाष्टमी के पावन पर्व की शुरुआत सोमवार की रात शहर में धूमधाम और आस्था से हुई। जैसे ही आधी रात को घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास चरम पर था। ''''नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की'''' जैसे मंगल गीतों की गूंज से पूरा शहर भक्ति में सराबोर हो गया। शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी, जहां भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां सजाई गईं। गोपाल मंदिर, गीता वाटिका, गोरखनाथ मंदिर, विष्णु मंदिर और इस्कॉन केंद्र में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।