एक पिता, जो सालों से अपने बच्चों को हर पल मरते देख रहा है। इस पिता के सामने इसके सभी बच्चे हर पल अपनी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनकी हालत हर गुजरते दिन खराब होती जा रही है लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वो अपने बच्चों का इलाज करवाने में सक्षम नहीं है। बस ये पिता उम्मीद लगाए बैठा है किसी करिश्मे का।