सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जुन देव जी ने अपना जीवन मानव सेवा, आध्यात्मिकता और सिख सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार को समर्पित किया। वर्ष 1606 में उनकी शहादत ने सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय रचा। गुरु अर्जुन देव जी की शहादत को सिख समुदाय 'शहीदी दिवस' के रूप में मनाता है, जो बलिदान, आस्था और धार्मिक दृढ़ता का प्रतीक है।