सुंदर भाटी और उसके भतीजे अनिल भाटी के जेल से बाहर आने के बाद पुलिस ने दिल्ली के मयूर विहार पांडव नगर स्थित घर के बाहर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि दोनों अब अपने कई साथियों को भी सलाखों से बाहर निकालने का प्रयास करेंगे। जेल में बंद गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के बाहर हत्या, खनन और स्क्रैप के काले कारोबार को लेकर नई जंग छिड़ सकती है, क्योंकि सुंदर भाटी के लंबे समय तक जेल में रहने के बाद विरोधी गिरोह ने अपनी जड़े अपराध में मजबूत करके अकूत संपत्ति बनाई है। कुछ लोग जेल के अंदर रवि काना के साथ अनहोनी होने की आशंका जता रहे हैं। जिले में सुंदर भाटी गैंग का स्क्रैप और सरिया के अवैध कारोबार को लेकर वर्चस्व रह चुका है, लेकिन सुंदर भाटी को सजा होने के बाद जिले में स्क्रैप माफिया रवि काना का वर्चस्व हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की। उसकी गिरफ्तारी करके उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सुंदर भाटी और उसके भतीजे अनिल भाटी समेत पूरे गिरोह के सदस्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। सादे कपड़े मे पुलिसकर्मी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। यूपी एसटीएफ भी सक्रिय है। पुलिस के अलावा खुफिया तंत्र की ओर से भी अनिल और सुंदर के जिले में आने से पूर्व ही हर सूचना जुटाई जा रही है।