उपराज्यपाल ने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को 22.43 एकड़, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को 12.69 एकड़ और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को 1200 वर्ग मीटर भूमि विकास के लिए दी।इसके अलावा दिल्ली के और कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भी उपराज्यपाल ने आवंटित की जमीन।