जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने संविदा कर्मचारियों से सेवा जारी रखने के बदले भुगतान की मांग को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में जेएनयू के श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय ने पब्लिक नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करेगा। इसको लेकर विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 की धारा 49 में उल्लेख है कि कोई भी ठेकेदार या संविदा एजेंसी अनुबंधित श्रमिकों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रकार का शुल्क, फीस या कमीशन नहीं ले सकता है। अगर कोई एजेंसी अवैध गतिविधियों में लिप्त मिलती है तो विश्वविद्यालय श्रम कानून के प्रावधानों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार उस एजेंसी के विरुद्ध उचित कानूनी और संविदात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।