सीईटी परीक्षा के दूसरे दिन भी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सुबह करीब पौने चार बजे नूंह के नए बस स्टैंड से परीक्षार्थियों को लेकर बसें रवाना की गई। रोडवेज जीएम एकता चोपड़ा तथा उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने परीक्षार्थियों से उनकी स्थिति जानी तथा सुनिश्चित किया कि किसी परीक्षार्थी को आने जाने में कोई दिक्कत न हो। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से की गई व्यवस्थाओं से परीक्षार्थी भी खुश नजर आए। परीक्षा में देने आए राकेश ने कहा, 'पहली बार ऐसा अनुभव हुआ कि सरकार और प्रशासन वास्तव में युवाओं की सुविधा के लिए गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। हमें कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।' सुमित ने कहा कि समय पर बस सेवा, पीने का साफ पानी आदि सुविधा और सुरक्षा के समुचित प्रबंध देखकर मन में आत्मविश्वास बढ़ा। जिला नूंह से फरीदाबाद के बल्लभगढ़ परीक्षा देने जाने वाले राशिद हुसैन, मोहम्मद इजहार, दिलशाद और इरशाद हुसैन ने बताया कि सरकार और प्रशासन ने जो बस की व्यवस्था परीक्षार्थियों के लिए की है वह प्रशंसनीय है। हमने बस स्टैंड आकर यहां बने हेल्प डेस्क पर अपनी बस के बारे में पता किया तो हमें इसके लिए पूरी मदद मिली हरियाणा रोडवेज, नूंह की ओर से प्रभावी व्यवस्था की गई और दूसरे दिन दोनों शिफ्टों के लिए कुल 4 हजार 791 अभ्यर्थियों को पलवल व फरीदाबाद भेजा गया। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि नूंह में बनाए गए 9 कलस्टर से 27 जुलाई को सुबह की पाली में कुल 58 बसों के माध्यम से 2 हजार 259 परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। वहीं द्वितीय पाली में 70 बसों द्वारा 2 हजार 532 परीक्षार्थियों को निशुल्क बस सुविधा का लाभ दिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों पालियों में कुल 128 बसों की सेवाएं ली गई, जिससे कुल 4791 परीक्षार्थियों को लाभ मिला। उन्होंने बताया कि नूंह शहर में बनाए गए 6 परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 18-18 शटल बसें चलाई गईं, जिससे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक तथा परीक्षा केंद्र के बाद बस स्टैंड नूंह तक छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि 9 कलस्टर नूंह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, तावड़ू, पिनगवां, सिकरावा, नगीना, इंडरी व उजीना में बनाए गए थे और परीक्षा अभ्यर्थियों को लाने और ले जाने की समुचित व्यवस्था की गई थी।