साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए नूंह पुलिस की साइबर थाना टीम ने दो अलग-अलग छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये आरोपी फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गत 21 अगस्त को थाना साइबर क्राइम नूंह की टीम जुरहेड़ा पुन्हाना मोड़ पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि एक युवक ऑनलाइन पशु बिक्री के नाम पर लोगों को ठग रहा है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी तारीफ पुत्र रज्जाक निवासी टुंडलाका थाना पुन्हाना को मौके से काबू किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन (बरामद हुआ, जिसमें वाट्सएप बिजनेस अकाउंट अरावली डेरी फार्म और सोनू कुमार के नाम से संचालित मिलें। मोबाइल में गाय-भैंस से जुड़ी संदिग्ध तस्वीरें, वीडियो और आधार कार्ड व क्यूआर कोड की प्रतियां पाई गईं। आरोपी के खिलाफ थाना साइबर में केस दर्ज कर लिया गया। दूसरे मामले में मांडीखेड़ा बस अड्डा से भी एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है।जिसके बारे में 22 अगस्त को एक टीम को गुप्त सूचना मिली कि वसीम पुत्र निजर खां निवासी खेड़ली कलां साइबर अपराध में सक्रिय हैं। जो अन्य साइबर अपराधियों के साथ मिलकर फर्जी सिम और मोबाइल फोन का उपयोग कर पशु बिक्री और लोन देने के नाम पर ठगी कर करता है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान आरोपी भागने लगा लेकिन पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। तलाशी में मोबाइल फोन व कई सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए गए। इनमें अलग-अलग नामों से व्हाट्सअप बिजनेस,फेसबुक, पेटीएम और ट्रूकॉलर अकाउंट लॉगिन मिले, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी में किया जा रहा था।गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है। साइबर थाना नूंह के अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।