प्लास्टिक, रबर और चमड़े के बाद अब जूट का जूता भी बनकर तैयार है, जो पूरी तरह प्राकृतिक वस्तुओं से तैयार किया गया है। भारत सरकार की ओर से संचालित फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने जूट, सेमल की सॉफ्ट रूई और कोकोनट की बटनों का उपयोग करके टिकाऊ, सॉफ्ट और किफायती जूते तैयार किए हैं। इन जूतों को बनाने में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। पूरी तरह से जैविक और पर्यावरण के अनुकूल है।