फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : आजादी के पहले और बाद में सेना से जुड़ी रहीं चार पीढ़ियां, रिटायर्ड अधिकारियों ने बताई अपनी कहानी

देश की सेवा करने में एक ही परिवार की चार पीढ़ियों ने अपनी उम्र गुजार दी है। अरुण विहार के रिटायर्ड सेना अधिकारियों के एक परिवार में चार तो दूसरे परिवार में तीन पीढ़ियां लगातार देश की सेवा करती आ रही हैं। खास बात यह कि इन्होंने देश की आजादी के बाद भारतीय सेना तो आजादी से पहले ब्रिटिश आर्मी में अपनी सेवाएं दी हैं। अरुण विहार निवासी कर्नल विनोद शर्मा (रिटायर्ड) ने बताया कि उनके परिवार में सबसे पहले उनके दादा ब्रिटिश सेना में रिसालदार थे। परदादा का नाम लक्ष्मण दास था। उन्होंने अपना नाम बदलकर लक्ष्मण सिंह रख लिया था, क्योंकि उस समय ब्राह्मणों को नौकरियां आसानी से नहीं मिलती थीं। इसके बाद ब्रिटिश सेना में दादा ने देश की सेवा शुरू की। हालांकि, घायल होने की वजह से अधिक दिन सेवा नहीं दे पाए। इसके बाद पिता और चाचा ने नौकरी शुरू की। उस समय तक इनका घर पाकिस्तान स्थित सियालकोट हुआ करता था। उनका कहना है कि उनके पिता ने भी ब्रिटिश आर्मी के माध्यम से ही देश की सेवा की। 36 साल सेवा देने के बाद वह मेजर के पद से रिटायर हुए। ब्रिटिश आर्मी में सेवा शुरू करने के अलावा देश की आजादी के बाद वह भारतीय सेना के जवान बन गए थे। इसके बाद उन्होंने 1972 में सेकेंड लेफ्टिनेंट के पद नौकरी की शुरुआत की थी और 2000 में कर्नल के पद से रिटायर हुए हैं। मेरे भाई ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की। कर्नल प्रशांत गुप्ता (रिटायर्ड) ने बताया कि उनके पिता फिर वह और अब बेटा देश की सेवा कर रहा है। प्रशांत ने बताया कि उनके पिता मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में प्रशासनिक कार्यों में सेवा दे रहे थे।1982 में सेकेंड लेफ्टिनेंट के पद पर सेवा शुरू की। प्रशांत के छोटे क्षितिज बेटे ने 2020 में लेफ्टिनेंट के पद पर देश की सेवा शुरू की है। अभी वह मेजर के पद पर तैनात हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें