ड्रोन सॉकर की मदद से सैनिकों को असली ड्रोन उड़ाने से पहले सिमुलेटर पर अभ्यास कराया जा रहा है। जिससे उनकी तकनीकी कौशल बेहतर हो रहा है। इसके साथ ही स्कूलों में छात्रों को ड्रोन बनाने से लेकर अन्य अभ्यास कराएं जा रहे हैं। यह बातें ड्रोन डेस्टिनेशन के मयूर चंद्राकर ने बताईं। उन्होंने बताया कि एक ऐसा खेल है जिसमें ड्रोन ऑपरेटर अपने ड्रोन को उड़ाते हैं। जमीन से 3.5 मीटर ऊपर रखे डोनट के आकार के गोलपोस्ट से उसे गुजारकर गोल करने का प्रयास करते हैं। प्रत्येक टीम में पांच सदस्य होते हैं, लेकिन गोल करने वाला केवल एक ही स्ट्राइकर होता है, बाकी खिलाड़ी रक्षक की भूमिका निभाते हैं।