शहर के निर्यातक इस समय एक अजीब समस्या से जूझ रहे हैं। वो विदेशी खरीदारों से ई-मेल व अन्य माध्यम से संपर्क कर रहे हैं लेकिन उसका जवाब नहीं मिल रहा है। साइबर क्राइम के कारण विदेशी खरीदार निर्यातकों की ई-मेल पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। ना तो जवाब दे रहे है और ई-मेल को भी खोलने से डर रहे हैं। अब निर्यातकों से सरकार से प्रमाणीकरण की व्यवस्था करने की मांग की है।
देश में साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से फाइल भेजकर ठगी की घटना लगातार बढ़ रही है। इसका खामियाजा निर्यातकों को भी भुगतना पड़ रहा है। साइबर क्राइम के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। विदेशी बाजार में उनको विश्वास जमाना मुश्किल हो रहा है। शहर के निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस समेत अन्य देशों के खरीदारों का डाटा उनको मिल जाता है। डाटा की मदद से विदेशी खरीदारों को ऑफर व कारोबार के प्रस्ताव भेजे जाते है। ज्यादातर प्रस्ताव ई-मेल से भेजे जा रहे हैं। जो स्वत: ही स्पैम में पहुंच जाते हैं। उनको विदेशी खरीदार देख नहीं रहे है। सामान्य ई-मेल को भी नहीं देख रहे हैं।
कई खरीदारों से बात हुई है तो उनका कहना है कि साइबर क्राइम के डर के कारण ई-मेल को नहीं खोला जा रहा है। ऐसे में निर्यातकों को नए ऑर्डर व खरीदार नहीं मिल रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को ऐसा प्लेटफॉर्म को तैयार करना चाहिए, जहां निर्यातकों अपने आप को पंजीकृत करा सके और उसके माध्यम से प्रस्ताव जाए। विदेशी खरीदारों को इसकी सूचना दी जाए। इससे उनको नए खरीदार मिलने में आसानी होगी।
डिजिटल ठगी काफी ज्यादा बढ़ रही है। खरीदारों को मेल भेज रहे है, लेकिन वो ठगी के कारण उनको खोल नहीं रहे है। उनके ई-मेल स्पैम में चले जाते हैं। सरकार को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। -विकास शर्मा, महासचिव चैंबर ऑफ एक्सपोर्ट्स
यूएस बाजार के साथ कारोबार कम हो रहा है। सरकार नए देशों से व्यापार करने पर जोर दे रही हैं लेकिन वहां के खरीदार साइबर क्राइम के कारण उनकी ई-मेल पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। सरकार को निर्यातकों का प्रमाणीकरण से जुड़ा एक प्लेटफॉर्म तैयार करना होगा। ताकि खरीदार विश्वास कर सके। -मोहम्मद आरिफ, निर्यातक