अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस के अवसर पर सेक्टर ओमेगा स्थित एक निजी अस्पताल में कैंसर को मात दे चुके बच्चों के साथ डॉक्टरों ने जिंदगी का जश्न मनाया। उपचार के बाद स्वस्थ जीवन की ओर लौटे इन नन्हे योद्धाओं ने न केवल गेम्स में हिस्सा लिया, बल्कि अपने साहस से सभी को भावुक भी कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सम्मानित किया गया और उनके संघर्ष की सराहना की गई। अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने इन बच्चों की बहादुरी को समाज के लिए प्रेरणा बताया। यथार्थ अस्पताल के हीमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट के कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. (मेजर) रवि शंकर ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरी दुनिया में बच्चों में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर ब्लड कैंसर है। यह बीमारी कई बार शुरुआती लक्षणों में सामान्य बीमारी जैसी लगती है, जिससे अभिभावक इसे नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को बार-बार बुखार आ रहा हो, खून की कमी दवाओं से ठीक न हो रही हो, असामान्य रक्तस्राव हो, शरीर में गांठ दिखे या लगातार जोड़ों में दर्द बना रहे, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर की गई साधारण जांच भी गंभीर बीमारी को शुरुआती अवस्था में पकड़ सकती है, जिससे इलाज की सफलता दर काफी बढ़ जाती है। समय पर पहचान और समर्पित उपचार से 90 से 95 प्रतिशत तक इलाज संभव है। अस्पताल ग्रुप के सीईओ अमित सिंह ने कहा कि बाल कैंसर के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। अस्पताल के सीओओ डॉ. सुनील बलियान ने कहा कि बच्चों में कैंसर का समय पर निदान जीवन बचा सकता है।