बदलती जीवन शैली, कार्य स्थल का दबाव और खान-पान आदि के चलते मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यही कारण है कि चिंता, अवसाद, तनाव आदि के ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मनोचिकित्सा विभाग में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या अवसाद, घबराहट, बेचैनी के मरीजों की है। कुल मरीजों में इनकी संख्या 30 फीसदी तक है। अन्य मरीजों में व्यवहारगत समस्या, नशा आदि के शिकार मरीज होते हैं।