निर्यात के मामले में लगातार अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी चमक बिखेर रहा नोएडा इन दिनों स्थानीय निकायों से हताश और निराश है। यहां के उद्यमियों को अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए तमाम तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण सीवर, नाली, सुरक्षा, ट्रैफिक और नए उद्योग लगाने के लिए भूखंडों की कमी है। औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-67 में आयोजित अमर उजाला उद्यमी संवाद कार्यक्रम में यहां के उद्यमियों ने प्राधिकरण व पुलिस समेत प्रदेश सरकार पर भी जमकर हल्ला बोला। उद्यमियों ने संवाद कार्यक्रम के माध्यम से कहा कि नोएडा के बाद ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण और अब न्यू नोएडा की नींव रखी जा रही है। बावजूद इसके नोएडा के उद्यमियों को अपने उद्यम को विस्तार देने के लिए भूखंड नहीं मिल पा रहे हैं। इसमें प्रदेश सरकार और प्राधिकरण की नीलामी की प्रक्रिया बड़ी बाधक बन रही है। नीलामी के कारण यहां के स्थानीय उद्यमी हताश और निराश हैं। सेक्टर-68 में ए-वन कंटेनर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से उद्योग चलाने वाले उद्यमी प्रवीण गुप्ता का कहना है कि न्यू नोएडा में स्थानीय उद्यमियों को उद्योग लगाने व भूखंडों के आवंटन प्रक्रिया में रिजर्वेशन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसी तरह औद्योगिक संगठन एनईए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने अन्य शहरों की तरह नोएडा के उद्योगों को अपने श्रम से सींचने वाले श्रमिकों के लिए सस्ते मकानों की व्यवस्था करने की मांग को प्राथमिकता से उठाया। औद्योगिक शहर की धमक अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने के बावजूद यहां श्रमिकों के रहने के लिए खास कार्ययोजना नहीं हैं। इस मौके पर उद्यमी अनिल चौधरी, नीरज खुराना, राहुल, प्रदीप अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, गुरिंदर सिंह, वीरेंद्र नरूला, मनीष खन्ना, अजय अग्रवाल, इंद्रपाल समेत अन्य उद्यमियों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखी व उन्हें प्राधिकरण व संबंधित अधिकारियों से निस्तारित करने की मांग रखी।