यातायात पुलिस के साथ मिलकर स्वेच्छा से काम करने वालों के लिए एक योजना तैयार की है। यातायात पुलिस की तरफ चालान नहीं सलाम मिलेगा। अभियान के तहत ट्रैफिक मित्रा शामिल करेंगी। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति ट्रैफिक टावर में जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्हें एक साल तक के लिए लगाया जा सकता है। पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि ट्रैफिक मित्रा में सिर्फ स्थानीय लोग ही शामिल हो सकते हैं। इच्छुक व्यक्तियों के आवेदन आने के बाद उनकी समीक्षा की जाएगी। जैसे की उनकी शिक्षा, उम्र के साथ ही उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इंटरव्यू के माध्यम से ट्रैफिक मित्रा का चयन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 20 से 25 दिन का समय लगेगा। इसके बाद उनको कुछ दिनों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे वह यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे। इसमें चयनित होने पर शहर में उनको यातायात पुलिस के साथ नियुक्त किया जाएगा। उन्हें ड्यूटी के दौरान जैकेट के साथ ही जरूरत का सामान दिया जाएगा। यह व्यक्ति यातायात के प्रबंधन, संचालन कराने, अल्कोहल नाका, दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने आदि कार्यों में यातायात पुलिस के साथ मिलकर कार्य करेंगे। इन्हें एक साल के लिए लगाया जा जाएगा। इसके बाद फिर से समीक्षा की जाएगी।