मानेसर के कई गांवों में गंदे पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए नगर निगम ने नया समाधान तलाश लिया है। अब गांवों में ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाएंगे, ताकि गंदे पानी को साफ कर उसका दोबारा उपयोग किया जा सके। इसके लिए निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दरअसल, नौरंगपुर और नैनवाल गांवों का गंदा पानी पहले एनएसजी के एसटीपी में जाता था। वहां पानी को साफ कर ग्रीन बेल्ट और अन्य हरित क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से गंदा पानी जाना बंद हो गया है। इसके बाद गांवों का गंदा पानी कई जगह गलियों, खाली प्लॉटों और नालियों में जमा होने लगा। इससे लोगों को बदबू, गंदगी और मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।