गुरुग्राम शहर में रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमे की नमाज अकीदत और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जामा मस्जिद, लेजर वैली, शंकर चौक, ईदगाह, सेक्टर 57, डीएलएफ फेज चार, पालम विहार आदि जगहों पर अलविदा जुमे की नमाज में काफी संख्या में रोजदार उमड़े। लेजर वैली में नमाज पढ़ने के लिए आने वालों की संख्या सर्वाधिक रही। यहां पौने एक बजे से दो बजे के बीच तीन बार सामूहिक नमाज पढ़ी गई। जामा मस्जिद और ईदगाह में नमाजियों की संख्या देखते हुए दो बार सामूहिक नमाज पढ़ी गई। मस्जिद के इमाम जान मुहम्मद ने कहा कि अलविदा जुमे पर अपने देश और विश्व में अमन और शांति की दुआ की गई है। पश्चिम एशिया युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की दुआ की गई। दुआ की गई कि युद्ध खत्म हो और विश्व में शांति और भाईचारा स्थापित हो सके। लोगों से अपील की कि वे जरूरतमंदों की मदद करें। रमजान में जकात का महत्व है। अपने पड़ोस में रहने वाले जरूरतमंदों को ईद पर उपहार दें। लेजर वैली पार्क में तौकीर अल्वी के नेतृत्व में नमाज पढ़ी गई। उन्होंने बताया कि इस मौके पर देश में अमन शांति और भाईचारे की दुआ की गई।डीएलएफ फेज चार में भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शादाब अली ने सामूहिक नमाज का प्रबंधन किया।सामूहिक नमाज वाली जगहों पर विधि व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।