इस समय पतझड़ के कारण काफी पत्ते गिर रहे हैं। कई जगहों पर या बागवानी के इस कचरे को जलाकर खत्म किया जाता है तो कई जगहों यह अन्य कचरे के साथ मिलकर कचरे का वजन बढ़ाते हैं। शहर की कुछ सोसाइटियों में बागवानी के कचरे से खाद बनाने के लिए संयंत्र लगाए गए हैं। मगर कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने एक गिरने वाले पत्तों को बगैर किसी खर्च के जमीन के लिए उपयोगी ऑरगेनिक खाद तैयार किया है। ऐसा ही उदाहरण गुरुग्राम के सेक्टर 23 ए के आरडब्ल्यूए महासचिव भवानी शंकर त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया है। वे सेक्टर के पार्कों में पिट बनवाकर उसमें सूखे पत्ते डाल देते हैं। अगले सीजन में खाद बन चुके पुराने पत्तों को निकालकर नए गिरे पत्ते डालते हैं। वे बताते हैं कि पत्तों से बनी खाद पार्क के पौधों, गमलों में लगाए गए पौधों के लिए बहुत ही उपयोगी है। साथ पतझड़ में पत्तों के गिरने से कचरा एकत्र हो रहा है, उसका उचित समाधान भी है।