फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram: बाबा प्रकाशपुरी मंदिर में चढ़ेगी कांवड़, नए और पुराने शहर को जोड़ता सुरम्य प्राचीन शिवालय

नए गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेस वे और पुराने गुरुग्राम शहर के राजेंद्रा पार्क और दौलताबाद स्थित बाबा प्रकाशपुरी आश्रम में काफी संख्या में कांवड़िये जुटे है। कांवड़िये मंगलवार को सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। भक्तों की आस्था के साथ-साथ इस मंदिर परिसर का सुरम्य और शांत वातावरण लोगों को सुहा रहा हैं। गुरुग्राम समेत दूर दराज के इलाके के भक्तों के लिए भी यह आकर्षक का केंद्र रहा है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न् हिस्सों के कांवड़िये मंदिर परिसर में जलाभिषेक के लिए ठहरे हुए हैं। कांवड़ियों के लिए वड़े स्तर पर भंडारा चल रहा है। मंदिर प्रमुख बाबा रवि पुरी ने बताया कि यह मंदिर पांडव कालीन है। उनके गुरु बाबा प्रकाश पुरी इस प्राचीन मंदिर में पहले आश्रम बनाया। आश्रम में प्रतिदिन भंडारा होता है, जिसमें जरूरतमंद भोजन करते हैं। बाबा प्रकाशपुरी कर्नाटक से आए थे और गुरुग्राम, सोहना में रायसीना की पहाडिया़ें और अन्य कई जगहों पर आश्रम बनाए। मंदिर में बाबा प्रकाश पुरी का समाधि स्थल भी है। महाशिवरात्रि, सावन की शिवरात्रि, गुरु पूर्णिमा आदि मौके पर मंदिर में बड़े आयोजन होते हैं। आश्रम के वर्तमान प्रमुख बावा रवि पुरी आश्रम स्थापित करने वाले बाबा प्रकाशपुरी के शिष्य हैं। आश्रम में कई तरह के पेड़-पौधे वन क्षेत्र का आभास् दिलाते हैं। पेड़ पौधों के बीच काफी संख्या पक्षियों के कलरव सुने जा सकते हैं। बहुत सारे मोर इस परिसर की खूबसूरती को बढ़ा रहे हैं। मंदिर परिसर में एक तालाब भी बनाया गया है। कुल मिलाकर करीब 6 एकड़ में फैला आश्रम परिसर के साथ कंकरीट का जंगल और प्रदूषण का गढ़ बन रहे शहर में सुकून और शांति का केंद्र भी है, जहां शहर के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुंचा जा सकता है और भगवान शिव के दर्शन के साथ प्रकृति का सौंदर्य महसूस किया जा सकता है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें