आर्थिक अपराध शाखा-1 ने फर्जी दवाई बिल तैयार करने और स्टॉक में हेराफेरी करके कंपनी का माल बेचकर करोड़ों रुपये का गबन करने मामले में एक आरोपी 5 मई को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। कंपनी के कर्मचारियों ने फर्जी बिल व कंप्यूटर डाटा में हेराफेरी करके आर्थिक धोखाधड़ी की। गिरफ्तार आरोपी ने कंपनी में में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बादरपुर(दिल्ली) के ताजपुर निवासी संतोष गिरी (39) के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह आईबी फार्मा कंपनी में एचआर मैनेजर के पद पर वर्ष 2016 से वर्ष 2024 तक कार्यरत था। इसी दौरान वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी दवाई बिल तैयार करने के साथ ही स्टॉक में हेराफेरी और कंपनी का माल रिटेल मार्केट में बेचकर प्राप्त राशि का गबन करता था। आरोपी ने कंपनी को करीब 1.50 करोड़ रुपये का गबन किया। बता दें कि 17 अक्तूबर 2025 को आईबी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया गया कि कंपनी के बिलिंग/परचेज विभाग में कार्यरत कर्मचारियों व मैनेजर ने फर्जी बिल तैयार किए। इसके अलावा स्टॉक में हेराफेरी, कंप्यूटर डाटा में फर्जी एंट्री करके और कंपनी का माल रिटेल मार्केट में बेचकर करोड़ों रुपये का गबन किया है। शिकायत के आधार पर सेक्टर-29 थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 द्वारा की गई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार किया है। आगामी कार्रवाई के लिए आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में संलिप्त अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। - दीपक, जांच अधिकारी, आर्थिक अपराध शाखा-1, गुरुग्राम।