ग्रेटर नोएडा सेक्टर अल्फा-2 में समस्याओं की चारों तरफ है भरमार निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नहीं हो रहा है समाधान जिसके चलते लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर में प्राधिकरण की ओर से सप्लाई का आने वाला पानी में बदबू आने की समस्या भी दे करीब 6 महीने से बनी हुई है वहीं, सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह करता है लेकिन अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पड़ती है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-2 में मंगलवार को आयोजित हुए अमर उजाला संवाद में निवासियों ने समस्याएं बताईं। लोगों का आरोप है कि पूरे पूरे सेक्टर में सप्लाई के पानी में पिछले 6 महीने से बदबू आने की समस्या बनी हुई है कई बार प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं की गई। हर बार सिर्फ आज आश्वासन दे दिया गया कि जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक समस्या हल नहीं हो सकी है । जिसके चलते सेक्टर वासी बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं और इससे सेक्टर में बीमारियां फैलने का भी खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सेक्टर वासियों ने आरोप लगाया कि सेक्टर के हर ब्लॉक में सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या भी काफी समय से बनी हुई है। आए दिन घरों के बाहर सीवर का पानी भर जाता है। जिसके चलते लोगों को घर से बाहर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग अगर घर से बाहर कहीं जाना चाहते हैं तो सीवर के पानी से होकर निकलना उनकी मजबूरी होती है। जब भी प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो खाना पूर्ति कर कर चले जाते हैं लेकिन अभी तक कोई भी स्थायी निस्तारण नहीं किया जा सका है। निवासियों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइटें शोपीस बन कर रह गई हैं। आधे से ज्यादा तो जलता नहीं और जो जलते भी है वह पेड़ों की छाया में छुपा कर रह जाती है जिसके चलते शाम ढलते ही सेक्टर में अंधेरा सा अच्छा जाता है और लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही नियमित सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी फैली रहती है। जिस कारण विभिन्न तरह की बीमारियां सेक्टर में फैली रहती हैं। सप्ताह में सिर्फ एक दिन ही ब्लॉक में सफाई हो पाती है। आज के 15 साल पहले जहां लगभग 40 सफाई कर्मचारी सेक्टर में हुआ करते थे तो वहीं पर अब उनकी संख्या सर पर 14 से 15 ही रह गई है। कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाने की मांग भी की गई लेकिन अभी तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। इसके अलावा नालियों की सफाई नहीं होने के कारण सड़कों पर ओवरफ्लो होकर बहती रहती हैं। सेक्टर वासियों का आरोप है कि आए दिन पार्कों में एवं सड़कों के किनारे लोग अवैध गतिविधियां करते रहते हैं एवं नशेबाजी कर हुडदंग मचाते रहते हैं। कई बार स्थानीय प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है लेकिन निवासियों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पिछले कई महीनो से पेड़ों की छटाई नहीं होने के कारण उनकी हाइट काफी ज्यादा हो गई है जिसके चलते आंधी आने के दौरान उनका खतरा बना रहता है हाल ही में अभी आई आंधी में कई जगहों पर पेड़ गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। जिसके चलते अब उन लोगों को और भी ज्यादा डर सता रहा है। सेक्टर वासियों ने कई बार पाटकर के अधिकारियों से पेड़ों की छाती करने की मांग की है। सार्वजनिक कामकाज करने के लिए प्राधिकरण की ओर से बनाए गए सामुदायिक केंद्र की स्थिति पूरी तरीके से बदहाल हो चुकी है। देख रेख के अभाव में सामुदायिक केंद्र की दीवारें चारों तरफ से जर्जर हो चुकी है। तो वहीं पर अंदर वा बाहर गंदगी फैली रहती है और बिजली की भी कोई व्यवस्था दुरुस्त नहीं रही है। चारों तरफ तार खुले पड़े हैं। पंखे भी नहीं चल रहे हैं। जिसके चलते सामुदायिक केंद्र का कोई भी प्रयोग सेक्टर वास नहीं कर पा रहा है। अगर कुछ भी छोटा भी काम करना होता है तो लोगों को निजी होटल, लान, गेस्ट हाउस या फार्म हाउस में करना पड़ता है। जिसके चलते लोगों का खर्च अधिक बढ़ जाता है।