18 फरवरी 2025 को तहसीलदार गाजियाबाद से बार एसोसिएशन अध्यक्ष लोमेश कुमार भाटी व सचिव संजय कुमार यादव तहसील संबंधित कार्यों में हो रहे विलंब को लेकर वार्ता करने गए। आरोप लगाया कि तहसीलदार का व्यवहार अच्छा नहीं था। उन्होंने असभ्य भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि 'मैं तहसीलदारी छोड़ दूंगा लेकिन अपने तरीके से ही काम करूंगा'। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने घटना के बाद तहसीलदार गाजियाबाद के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। धरने का उग्र रूप देखकर एसडीम धरना स्थल पर आए और वकीलों के बीच नीचे उनके साथ ही बैठ गए। उसके बाद एसडीएम ने अधिवक्ता साथियों की बात को अच्छे से सुना और अध्यक्ष और सचिव महोदय द्वारा रखी गई बातों का सम्मान रखते हुए उन्होंने लेखपाल रामवीर सिंह बिरदी एवं लेखपाल मनोज चौधरी को तत्काल प्रभाव से अपने कार्यालय से अटैच कर दिया और एक प्राइवेट लड़का जो संजय नाम का आरके ऑफिस में था उसको हटा दिया तथा तहसीलदार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इसके बाद अध्यक्ष लोमेश कुमार भाटी की अनुमति से धरना समापन की घोषणा हुई।