संवाद न्यूज एजेंसी टोहाना। शहर के मुख्य रोड नेशनल हाईवे पर लगे बिजली के पोलों पर निजी अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों द्वारा अवैध रूप से लगाए गए फ्लेक्स से शहर की सुंदरता लगातार खराब हो रही है। नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए इन होर्डिंग्स से न केवल शहर का रूप बिगड़ रहा है, बल्कि बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आमजन में प्रशासन के ढुलमुल रवैये को लेकर गहरा रोष है। इस मामले में बिजली निगम के एसडीओ संजय सिंगला ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली के पोलों पर फ्लेक्स लगाना नियमों के खिलाफ है और किसी भी अस्पताल या संस्था ने इसके लिए परमिशन नहीं ली है। संजय सिंगला ने कहा, "ये फ्लेक्स पूरी तरह अवैध हैं। हम सभी संस्थानों से अपील करते हैं कि वे स्वयं इन्हें उतरवा लें, वरना नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अवैध फ्लेक्स के कारण लाइन स्टाफ को पोल पर चढ़ने में भारी दिक्कत होती है। पोल पर चढ़ते समय कर्मचारी का पैर स्लिप होने का खतरा बना रहता है, जो कर्मचारियों के लिए जानलेवा हो सकता है। एसडीओ ने कहा कि फिलहाल विभाग का स्टाफ गर्मी और टूटे हुए पोलों की मरम्मत में व्यस्त है। जैसे ही स्टाफ फ्री होगा, विभाग अपने स्तर पर भी सभी अवैध फ्लेक्स उतरवाने का काम शुरू कर देगा। उधर, नगर परिषद सचिव मनीष ने भी मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बुधवार तक शहर में लगे सभी अवैध फ्लेक्स उतरवा दिए जाएंगे। शहरवासियों का कहना है कि मुख्य मार्गों और चौकों पर लगे ये फ्लेक्स यातायात में भी बाधा बनते हैं और हादसों का कारण बन सकते हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर संस्थानों ने स्वयं फ्लेक्स नहीं हटाए तो उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने मांग की है कि शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाई जाए।