गढ़वाल विश्वविद्यालय गेट पर आइसा छात्र संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मी पर तुरंत व कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। आइसा से जुड़े छात्रों ने कहा कि देहरादून में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं नर्सिंग अभ्यर्थियों पर पुलिस का ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संगठन ने इसे बेरोजगारों पर प्रहार बताते हुए कहा कि वर्दी का दुरुपयोग किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं होता, इसलिए पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और सार्वजनिक माफी जरूरी है।छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का रवैया लगातार छात्रों के प्रति नकारात्मक होता जा रहा है, जबकि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। श्रीनगर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देहरादून घटना में पुलिस को अभ्यर्थियों की मदद करनी चाहिए थी, न कि उन पर हाथ उठाना चाहिए था।