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कोंडागांव: मुखबिर की सूचना पर सांभर शिकार गिरोह का पर्दाफाश, सात आरोपी भेजे गए जेल

राहुल तिवारी Updated Mon, 23 Feb 2026 10:39 PM IST

कोंडागांव। मुखबिर की सूचना के आधार पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यप्राणी सांभर के अवैध शिकार और मांस बिक्री के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग के दल ने बाजारपारा निवासी उषा बाई रजक के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आठ प्लास्टिक थैलियों में रखा मांस बरामद किया गया। पूछताछ में संगीता निर्मलकर और उषा बाई ने स्वीकार किया कि मांस वन्यप्राणी सांभर का है, जिसे खाने और बेचने के उद्देश्य से ग्राम उरपुटी, जिला धमतरी निवासी नरसु पिता पिलारू से खरीदा गया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दोनों महिलाओं के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच में वनमंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह के निर्देश पर गठित दल धमतरी पहुंचा और नरसु के घर दबिश दी। पूछताछ में नरसु ने स्वीकार किया कि उसने अपने चार साथियों मुकेश, दुलेश्वर, तुलसी और मैतु के साथ मिलकर सांभर का शिकार किया था तथा 20 फरवरी 2026 को मांस संगीता निर्मलकर को बेचा गया। शिकार के बाद अवशेषों को धमतरी वनमंडल के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आरएफ 178 में जला दिया गया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 23 फरवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई में कोंडागांव पुलिस का भी सराहनीय योगदान रहा, जिसके लिए वन विभाग ने आभार व्यक्त किया है।

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