एक तरफ देशभर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोंडागांव शहर में खुलेआम पेड़ों की अवैध कटाई का सिलसिला जारी है। स्टेडियम ग्राउंड के पास बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन हैं। स्थानीयों की नाराजगी आसपास के निवासियों का कहना है कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। इस पर रोक लगाने के बजाय नगर पालिका, वन विभाग और राजस्व विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह लापरवाही पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। प्रशासन की बेरुखी स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इससे यह साफ झलकता है कि विभागीय अधिकारी या तो इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं या फिर अनदेखी कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए जहां सरकार और समाज मिलकर लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण कार्यक्रम चला रहे हैं, वहीं कोंडागांव में बेखौफ पेड़ों की कटाई इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल, देखना होगा कि प्रशासन कब जागरूकता दिखाता है और हरे-भरे पेड़ों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाता है।