छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में केआईटी कॉलेज परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के पास एक विशाल अजगर देखा गया। इससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और लोगों में भय का माहौल था। 10 मई की रात को इसकी सूचना सर्परक्षक समिति को मिली थी। बारिश के कारण टीम तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सकी। अगले दिन टीम से विक्की चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी सावधानी से अजगर का सफल रेस्क्यू किया।
सर्परक्षक टीम ने लोगों को शांत रहने और सांप से दूरी बनाए रखने की अपील की। फिर अजगर को सफलतापूर्वक रेस्क्यू करके सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया गया। यह घटना रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर गढ़उमरिया गांव के पास हुई।
सर्परक्षक समिति के संरक्षक विनितेश तिवारी ने बताया कि अजगर जहरीला नहीं होता, लेकिन इसकी लंबाई और वजन काफी ज्यादा होता है। यह अपने मजबूत शरीर और मांसपेशियों की ताकत से छोटे जीव-जंतुओं या बच्चों को जकड़ सकता है। समिति ने आम जनता से अपील की है कि रिहायशी इलाके में वन्य जीव को देखकर घबराएं नहीं। उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी न करें। भारतीय अजगर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है, जिसे नुकसान पहुंचाने पर 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।