कोरबा में रविवार की दोपहर एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया।खदान के गोदावरी फेस में कोयला परिवहन में लगे सोनू-मोनू कंपनी के ट्रेलर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद खदान में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए परिवहन बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेस में सोनू-मोनू कंपनी का कोयले से भरा ट्रेलर लोडिंग के बाद निकल रहा था। तभी अचानक इंजन से धुआं उठने लगा। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही वाहन में भीषण आग लग गई। आग की लपटें देख चालक ने तुरंत कूदकर जान बचाई। वह बाल-बाल बच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर में आग बुझाने के लिए कोई फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं थे। कंपनी की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी साफ नजर आई। आग लगने के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक ट्रेलर पूरी तरह जल चुका था। आगजनी की घटना के कारण गोदावरी फेस की ओर जाने वाला रास्ता कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। इससे खदान में कोयला परिवहन प्रभावित हुआ। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर काम शुरू किया गया।
कुसमुंडा खदान में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार कोयला वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके ठेका कंपनियों द्वारा सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे। सोनू-मोनू कंपनी खदान में कोयला परिवहन का काम करती है, लेकिन वाहनों में फायर सिलेंडर तक नहीं लगाए गए हैं। लगातार हो रहे हादसों से एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। श्रमिक संगठनों ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही हर वाहन में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य करने की बात कही है ताकि भविष्य में जान-माल का नुकसान न हो।