गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में गौरेला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 7 से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदीप कुमार सोनी उर्फ (डब्लू) ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए है।उन्हें कांग्रेस ने डमी कैंडिडेट के रूप में चुनाव मैदान में खड़ा किया था और न तो प्रचार प्रसार में भी कोई मदद नही की और तो और पार्टी की ओर से मिलने वाले चुनावी फंड की राशि भी उन्हें नही दी गई। हालांकि मामले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का कहना है पार्टी के द्वारा किसी भी प्रत्याशी को कोई भी चुनावी फंड नही उपलब्ध करवाया गया है और पार्षद प्रत्याशी का आरोप निराधार है। नगरीय निकाय चुनाव में गौरेला नगर पालिका परिषद से वार्ड क्रमांक 7 के लिए पार्षद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े प्रदीप सोनी उर्फ डब्लू सोनी चुनाव हार गए है और इस हार की वजह वे कांग्रेस पार्टी के द्वारा चुनाव के दौरान जो प्रचार प्रसार के लिए मिलने वाली राशि नही मिलने के कारण सही तरीके से उन्हें फंड उपलब्ध नही कराया जा सका जिसकी वजह से उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। प्रदीप सोनी का कहना है मुझे डमी कैंडिडेट के तौर पर खड़ा किया गया जिससे मेरा चुनाव प्रचार भी नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के जरिए प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने और चुनाव प्रचार के लिए फंड के रूप में ₹15,000 दिए जाने थे पर कुछ वार्डों में प्रत्याशियों को यह राशि संगठन की ओर से उपलब्ध नही कराई गई जिसकी वजह से उनकी चुनाव में हार हो गई। वहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम वासुदेव से बात की तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि कोई भी राशि पार्टी की ओर से नहीं आई है। जबकि उनका कहना था कि कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव से जानकारी लेने पर उन्होंने भी झूठा आरोप लगाने की बात कह दी। हालांकि पार्षद प्रत्याशी प्रदीप सोनी के आरोपो को जिला अध्यक्ष उत्तम वासुदेव ने खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी भी पार्षद प्रत्याशी को कोई भी चुनावी फंड नही दिया गया है तो उत्तम वासुदेव ने यह भी साद किया है कि कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नजदीकी कुछ पार्षद प्रत्याशियों को उन्होंने जरूर निजी रूप से आर्थिक सहयोग किया है। प्रदीप सोनी उर्फ डब्लू का आरोप निराधार है।