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गौरेला पेंड्रा मरवाही में नाग पंचमी के दिन लगता है नागों का मेला, इंसानों के ऊपर सवार होते हैं नाग, देखें

आदिवासी बाहुल्य जिले ग़ौरेला पेण्ड्रा मरवाही में नाग पंचमी के दिन गाव में नागों का मेला लगता है,, मेले को देखने के लिए उमड़ते हैं आसपास के इलाको से सैकड़ों लोग पहुचते है। जी हां हम सही कह रहे हैं इस मेले में इंसानो पर सवार होता है नाग, हमने अपने कैमरे में कैद किया नागों का नृत्य, यह अतिशयोक्ति नहीं पर अद्भुत अकल्पनीय सी बात है कि जहां इंसानों के ऊपर नाग सवार होते हैं ,और वह नागों की तरह ही जमीन पर लौटते पसरते हैं यहां तक कि इन्हें शांत कराने के लिए इन्हें पहले जलती हुई बाती और उसके बाद दूध भी पिलाया जाता है। नाग पंचमी के दिन नाग पूजा का अपना विशेष महत्व है, सभी अपनी आस्था और श्रद्धा के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग पूजा अर्चना करते हैं ,परंतु पेंड्रा के आदिवासी गांव आमाडाड़ गांव में नागों का मेला लगता है पेंड्रा से लगभग 10 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा की ओर आमाडाड़ गाँव मे नाग पंचमी को नाग की विशेष पूजा होती है, यहां नागों का मेला लगता है एक नहीं दो नहीं तीन कई सांप यहां पूजा अर्चना के बाद इंसानों में नाग समा जाते हैं, और वह नाग की तरह आंगन में अपने आप को नाचते हैं पटकते हैं आज हम भी पेण्ड्रा के आमाडाड़ गांव उस घर में पहुच गए जहाँ नाग पंचमी के दिन होने वाले इस खास पूजा की तैयारी चल रही थी कुछ देर इंतजार के बाद हम उस घर में नाग देवता की पूजा अर्चना की तैयारी चल रही थी देखने में सब कुछ अटपटा लग रहा था कि यहां नाग देवता कब आएंगे ? कैसे आएंगे ? कुछ देर में आने जाने वालों का सिलसिला बढ़ता गया ..... और देखते ही देखते आंगन सैकड़ों ग्रामीण पहुच गए फिर शुरू हुआ पूजा-अर्चना का सिलसिला जिस घर मे आज नागपंचमी के दिन विशेष पूजा अर्चना होती है छोटे लाल सोनी की माने तो उनके घर मे ये पुजा लगभग 50 से 55 साल से उनके गाँव मे होती है इस तरह से नागपंचमी में विशेष पुजा अर्चना चलती है जिसमे शामिल होने दूर दूर से काफी संख्या में लोग पहुचते है। इनकी माने तो ये लोग पुजा अर्चना कर नाग को मंत्र के जरिये बुलाते है और यहां पर पहुचे लोगो पर नाग सवार हो जाते है जिसके बाद वे आंगन में नाग की तरह हरकत करते है। वहीं मेले में शामिल होने पहुचे ग्रामीणों की माने तो नागपंचमी में लगने वाले मेले में काफी समय से शामिल होते है। हम बतला दे कि हम कार्यक्रम को देखने जिज्ञासा वश गए मौके पर पहुचे थे, हमारा उद्देश्य अंधविश्वास फैलाना नहीं है, सांप के काटने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें और अस्पताल जाकर इलॉज कराए।

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