गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेंड्रारोड स्थित अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेजरी गार्ड रूम में एक जहरीला कोबरा सांप घुस गया। अचानक सांप दिखाई देने से वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। घटना के समय गार्ड रूम में दो आरक्षक ड्यूटी पर तैनात थे। कोबरा को देखते ही दोनों सतर्क हो गए और तत्काल कमरे से बाहर निकलकर अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में पूरे कार्यालय परिसर में सांप निकलने की खबर फैल गई, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने बिना देर किए स्थानीय सर्प मित्र द्वारिका कोल को सूचना दी। सूचना मिलते ही द्वारिका कोल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गार्ड रूम के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया और फिर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब कुछ मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद द्वारिका कोल ने जहरीले कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान उन्होंने पूरी सतर्कता बरती, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे अपने कब्जे में लेकर प्राकृतिक आवास के अनुरूप जंगल में छोड़ दिया गया।
सर्प मित्र के सफल रेस्क्यू के बाद एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सभी ने द्वारिका कोल की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि समय पर रेस्क्यू नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बरसात का मौसम शुरू होते ही जिले में सांपों के रिहायशी और शासकीय परिसरों में निकलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश और बिलों में पानी भरने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प मित्र को सूचना देनी चाहिए। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे मारने या स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।