जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सक्रियता से एक नाबालिग युवक का बाल विवाह रुकवाया गया। यह मामला मरवाही विकासखंड के ग्राम पिपरिया का है। चाइल्ड हेल्पलाइन को शनिवार को एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिली थी।
सूचना मिलते ही मामले की जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी को दी गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग जीपीएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई। ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, गौरेला पुलिस, वार्ड पंच और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल थे।
टीम ने बालक की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अंकसूची के आधार पर बालक की उम्र 19 वर्ष 11 माह 3 दिन पाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि बालक की उम्र बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित वैधानिक आयु 21 वर्ष से कम है।
इसके बाद टीम ने दोनों पक्षों के माता-पिता और परिजनों को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में भी बताया गया। समझाइश के बाद परिवार के सदस्यों से घोषणा पत्र और पंचनामा पर हस्ताक्षर कराए गए। इस प्रकार नाबालिग बालक के बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसा करने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना हो रही है। चाइल्ड हेल्पलाइन की तत्परता की भी व्यापक रूप से प्रशंसा की जा रही है। यह घटना बाल विवाह रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।